“Dear Men, Stop Misinterpreting My Actions: A Woman’s Declaration”
Dear men, let this be clear: my actions are not invitations, and your assumptions are not my reality. When I smile, it’s courtesy, not consent. If I answer your calls or offer my support, it’s out of respect, not a desire to be your muse. When I stand beside you, it’s as your equal, not because I’m seeking closeness. My kindness, my strength, my professionalism—they are not signs of submission or longing. Stop misinterpreting my independence as an opportunity to diminish it. Respect me for who I am: a woman who owns her worth and will not tolerate being reduced to anyone’s convenience.
The horror of the night
The horror of the night, Is etched deep in her mind, As the darkness took over, Leaving her shattered and blind. Her innocence was stolen, By an act so cruel and vile, Leaving her scarred forever, And with a pain that’s hard to smile. She trusted the wrong one, And paid a price so dear, […]
NEFARIOUS
NEFARIOUS The city was in a tumultuous shock when everyone in Ahmedabad woke up with the life-size headline in all the leading newspapers ‘City’s famous psychiatrist was charged with killing 25 kids. I still remember it was the morning of 20th March 2018. I tried finding the name of the doctor by flipping the pages in the […]
प्रणय

जीवन की साँझ पर खड़ी अनन्या, जुलाई महीने की ज़ोरदार बारिश को निहार रही थी , ये बारिश भी कितनी रोमांचक है , खुद तो आकर बूंदे बरसाती ही है, उसके साथ साथ उन बूंदों की आवाज़ से बहुतायत स्मृतियों को दस्तक दे जाती है , इन्ही स्मृतियों के एक पिटारे से अनन्या को एक […]
जिंदगी

आज सुबह खिड़की पर चाय का प्याला लिए बैठी थी पीछे मुड़कर देखा तो वह खड़ी थी पता है कौन? जिंदगी मैंने पूछा -कैसे आना हुआ? वह बोली- तुम तो याद करती नहीं सोचा मैं ही आ जाऊं मैंने कहा -अभी बहुत काम में हूं ,बाद में आना मेरी यह बात सुनकर वह धीरे से […]
ज़िद है

अब फिर से खुदको तलाशने की ज़िद है देखा मिलो तक,पर दिखती नहीं कोई हद है इन ठंडी बयारों में गर्माहट की ज़द है तुम्हारी पुकार में आवाज़ मद्धम एहसास बेहद है अपने आकाश को फिरसे रंगने की ज़िद है इस इंद्रधनुष के रंग छोड़ के नया रंग बनाने की ज़िद है ज़िन्दगी को संभालने […]
करवा चौथ

सुमि तीन दिन से बाजार के चक्कर काट रही थी। साड़ी ,बिंदी,मैचिंग झुमके क्या नहीं ख़रीदा उसने ? उसकी बेटी अदिति उसको देख- देख के हैरान हुयी जा रही थी, मम्मी को अचानक ये क्या हुआ- आज सुबह- सुबह उठके पूजा कर रही है। मम्मी तो कभी मंदिर तक नहीं जाती। उसका कोमल मन अपने […]
मास्क

बीना रोज़ घर और ऑफिस का काम करते करते थक सी गई थी तो उसने सोचा आज क्यों न आधे दिन की छुट्टी ले लू। किसी कैफ़े में शांति से बैठकर कॉफ़ी पीते हुए कुछ पढ़ लूँगी ,घर पे तो वैसे भी सुकून नहीं मिलता। उसने अपने प्रिंसिपल को हाफ डे की एप्लीकेशन दी और […]
ये ज़िन्दगी का तोहफा परेशानियों में नहीं बिताना मुझको

कल क्या होगा सोच कर आज नहीं गवाना मुझको ये ज़िन्दगी का तोहफा परेशानियों में नहीं बिताना मुझको मेरे हिस्से की सारी खुशिया दोनों हाथो से बटोरूँगी इस दिल के किसी भी अरमान को अब अधूरा न छोडूंगी अपने सुकून की खातिर किसी पीर फ़क़ीर तक नहीं जाना मुझको ये ज़िन्दगी का तोहफा परेशानियों में […]
थोड़ा खुद के लिए जिया तो क्या गुनाह किया।

थोड़ा खुद के लिए जिया तो क्या गुनाह किया सबके लिए हमने क्या क्या फ़ना किया माना पुकारेंगे मतलबी हमें ये लोग जब घुट रहे थे हम जब मर रहे थे हम तो इन्होने क्या किया थोड़ा खुद के लिए जिया तो क्या गुनाह किया ज़ालिम है ये दुनिया टोकेगी दर बदर तू खुद की […]